चोरी के समान के खरीदारों से लिया गया 21000 रुपए का अर्थदंड

अवधूत भगवान राम आश्रम कुड़ूमकेला से हुई थी आभूषणों की चोरी
ग्रामीण अर्थदंड से नाखुश, आखिर आश्रम समिति क्यों नहीं करा रही एफआईआर दर्ज, कही……
घरघोड़ा :- अवधूत भगवान राम आश्रम कुड़ुमकेला में हालही में कुछ दिन पूर्व मंदिर से चांदी के आभूषणों की चोरी हुई थी। चोरी की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को हुई पूरे गांव में हड़कंप मच गया जिसके बाद समिति प्रबंधन और ग्रामीण आश्रम प्रांगण को कौन आया गया इसकी जानकारी एकत्रित करने में लग गया जिसके बाद एक ग्रामीण का हाव भाव संदिग्ध पाया गया जिसपर ग्रामीणों ने उससे कड़ाई से पूछताछ किया तो उसके द्वारा चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया।

बतादे कि चोरी का आरोपी चंद्रकांत कुड़ुमकेला गांव का ही रहने वाला है जो की चोरी को घटना को अंजाम देकर मंदिर से किए गए चोरी के आभूषों को गांव के ही बबलू साव और पूर्वचंद साहू को बेचना स्वीकार किया जिसके बाद आश्रम समिति के सदस्यों द्वारा जब बबलू साहू और पूर्वचंद साव को चोरी के आभूषणों को खरीदने की बात कही तो उनके द्वारा आभूषण खरीदने की बात स्वीकारा गया।

समिति के सदस्यों द्वारा आखिर क्यों अर्थदंड लेकर छोड़ा गया खरीददारों को ग्रामीणों का सवाल…
ग्रामीणों का कहना की क्या चोरी को घटना को अंजाम देने वाले और खरीदारों को माफीनामा लिखवाकर 21 हजार रुपए का अर्थदंड वसूलकर उनके गुनाहों में पर्दा दाल देना कितने हदतक सही है। आखिर आश्रम समिति आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों को इस तरफ माफ करेगी तो लोगों का मनोबल तो बढ़ेगा ही आज तो सिर्फ छोटी घटना हुई है कल कोई बड़ी घटना हुई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ।
आखिर समिति प्रबंधन क्यों नहीं कराना चाहती है पुलिस में शिकायत दर्ज क्या है इनकी मंशा चोर ओर चोरी के समान के खरीदारों को बचाने को लेकर कुड़ुमकेला के ग्रामीण अब कई प्रकार के समिति को शक के दायरे में लेकर तरह तरह के बाते कर रहे है।



