लग्जरी गाड़ियों में घूम रहे शातिर चोर, पुलिस के हाथ खाली; क्या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हाटी चौकी?

रायगढ़ :- रायगढ़ जिले का छाल थाना क्षेत्र इन दिनों चोरों के लिए ‘सेफ जोन’ बन चुका है। क्षेत्र में डीजल चोरी और सूने मकानों के ताले टूटना अब एक सामान्य बात हो गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये चोर कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि लग्जरी वाहनों में सवार होकर आते हैं और बड़ी सफाई से वारदातों को अंजाम देकर रफूचक्कर हो जाते हैं।
हैरानी की बात तो यह है कि हाई-टेक होने का दावा करने वाली पुलिस और साइबर सेल की टीम अब तक इन शातिर चोरों की परछाई तक भी नहीं पहुंच सकी है।

खंडहर में तब्दील करोड़ों का ‘सुरक्षा कवच’
इस पूरी अव्यवस्था की जड़ ग्राम हाटी में छिपी है। कोरबा जिले की सीमा से लगे इस संवेदनशील गांव में 15 साल पहले एक पुलिस चौकी भवन का निर्माण करोड़ों की लागत से कराया गया था। लेकिन सिस्टम की लापरवाही देखिए—निर्माण के बाद आज तक पुलिस विभाग ने इस भवन को हैंडओवर नहीं लिया।
नतीजा: शानदार भवन आज खंडहर में तब्दील हो चुका है।
इतिहास: पूर्व में यहां एक अस्थाई चौकी थी, जिसे महज 6 महीने में ही बंद कर दिया गया।
‘सुशासन’ के दावों की खुली पोलग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने शासन-प्रशासन से बार-बार इस चौकी को शुरू करने की गुहार लगाई है। 14 मई 2025 को ‘सुशासन तिहार‘ के दौरान आवेदक नीरज बिस्वास ने विधिवत इसकी मांग की थी। लेकिन विभाग का जवाब चौंकाने वाला था: “छाल से हाटी दूर नहीं है, पेट्रोलिंग पर्याप्त है।“

ग्राउंड रियलिटी: यदि पेट्रोलिंग इतनी ही पुख्ता है, तो फिर मुख्यमार्ग और ढाबों पर खड़े वाहनों से डीजल कैसे चोरी हो रहा है? चोरों को कोरबा बॉर्डर का यह रास्ता सबसे सुरक्षित क्यों लग रहा है?
जनता की मांग: चेकपोस्ट और सक्रियतास्थानीय लोगों का मानना है कि अगर हाटी में चौकी संचालित होती, तो चोरों के भागने के रास्ते पर लगाम कसी जा सकती थी।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए, क्षेत्र की जनता की स्पष्ट मांग है :
बॉर्डर पर तत्काल चेकपोस्ट : रायगढ़ और कोरबा जिले की सीमा पर रात में कड़ी चेकिंग शुरू की जाए।
हाटी चौकी का पुनरुद्धार : खंडहर हो चुके भवन का सदुपयोग कर वहां बल तैनात किया जाए।
गश्त में बदलाव: केवल कागजी पेट्रोलिंग के बजाय संदिग्ध लग्जरी वाहनों की सघन तलाशी ली जाए।
📌 मुख्य सवाल :
1 ग्राम हाटी में 15 साल पहले बना चौकी भवन आज खंडहर क्यों है? किसका पैसा बर्बाद हुआ ?
2 जब छाल से हाटी का रास्ता चोरों के लिए ‘एग्जिट रूट’ है, तो वहां चेकपोस्ट क्यों नहीं ?
3 सुशासन तिहार में की गई मांग को “पेट्रोलिंग का बहाना” बनाकर क्यों टाला गया ?



