Latest News

SECL में ‘मौत का सफर’ नियम को ठेंगा, कबाड़ बसों में कर्मचारी ढोने का आरोप

छाल :- साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के छाल क्षेत्र में इन दिनों सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आ रहा है। कंपनी द्वारा वाहनों के संचालन के लिए बनाए गए स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद जर्जर और कबाड़ बसों में कर्मचारियों को ढोया जा रहा है। इन बसों की हालत इतनी खराब बताई जा रही है कि कर्मचारी खुद को रोजाना “मौत के सफर” पर जाने जैसा महसूस कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार छाल क्षेत्र से घरघोड़ा, बरोद, जामपाली, नावापारा, एडु और डोमनारा आवासीय परिसरों के लिए चलने वाली शिफ्ट बसें काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि इन बसों के टायर घिस चुके हैं, ब्रेक कमजोर हैं और कई वाहनों की हालत कबाड़ जैसी हो गई है। इसके बावजूद इन्हें रोजाना सैकड़ों कर्मचारियों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

3 सालों से पुराने वाहन पर रोक, फिर भी कबाड़ बसें सड़कों पर

SECL के नियमों के अनुसार कंपनी के कार्यों में 3 सालों से अधिक पुराने वाहनों का उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद छाल क्षेत्र में यह नियम केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहा है। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कई बसें निर्धारित अवधि से कहीं अधिक पुरानी हैं और उनकी हालत बेहद खराब है।

फिटनेस और बीमा पर भी सवाल

सूत्रों का दावा है कि इन बसों में से कई के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र और बीमा भी नहीं है। बिना इंश्योरेंस और फिटनेस के सवारी वाहन चलाना कानूनन अपराध माना जाता है। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो कर्मचारियों की सुरक्षा और मुआवजे को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो सकता है।

प्रबंधन और वाहन मालिक की मिलीभगत के आरोप

स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि बिना उच्चाधिकारियों की जानकारी के कोई भी जर्जर वाहन कंपनी परिसर में प्रवेश नहीं कर सकता। ऐसे में वाहन मालिक और प्रबंधन के बीच मिलीभगत के आरोप भी लग रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सुरक्षा ऑडिट और नियमों की अनदेखी कर कमीशनखोरी के कारण इन वाहनों को चलने दिया जा रहा है।

हर दिन जोखिम भरा सफर

छाल से जामपाली और आसपास के क्षेत्रों तक का सफर कर्मचारियों के लिए जोखिम भरा बताया जा रहा है। खराब टायर, कमजोर ब्रेक और जर्जर बॉडी वाली बसें किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। कर्मचारी और क्षेत्र की जनता अब सवाल उठा रही है कि आखिर इन कबाड़ वाहनों पर कार्यवाही कब होगी।

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने SECL प्रबंधन और परिवहन विभाग से इस मामले की जांच कर कार्यवाही करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन जर्जर बसों को हटाकर सुरक्षित वाहनों की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

मुख्य बिंदु:-

3 साल से अधिक पुराने वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध के बावजूद बसें चल रही हैं।

कई बसों के पास वैध फिटनेस और बीमा होने पर सवाल

छाल, घरघोड़ा, जामपाली, नावापारा, एडु और डोमनारा के लिए चलती हैं बसें

कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता SECL प्रबंधन और RTO से जांच व कार्यवाही की मांग

Niraj Biswas

नीरज विश्वास, सीजी चौपाल न्यूज़ . पता - रायगढ़ , छत्तीसगढ़ मो . 8818972003

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!