कुमरता जलाशय के शीर्ष एवं नहरों का रिमॉडलिंग एवं लाइनिंग कार्य चढ़ रहा भ्रष्टाचार का भेंट
722.33 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति से लगभग 1224.57 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा करना प्रस्तावित है। पर टेंडर हुआ लगभग 5 करोड़ की राशि
धरमजयगढ़ :- जल संसाधन संभाग धरमजयगढ़ को 722.33 लाख रुपए की लागत से कुमरता जलाशय के शीर्ष एवं नहरों का रिमॉडलिंग एवं लाइनिंग कार्य का प्रशासनिक स्वीकृति मिला था । कार्य की स्वीकृति के बाद वित्त विभाग द्वारा 26 फरवरी 2024 को सहमति भी प्रदान की गई। जिससे क्षेत्र के किसानों को रबी खरीफ फसल के खेती करने में सिंचाई को लेकर कोई असुविधा न हो।
कुमरता जलाशय के शीर्ष से निकले नहर में केनाल का रिमॉडलिंग किया जा रहा है जो की ठेकेदार और जल संसाधन विभाग की लापरवाही से शासन की करोड़ों की राशि का दुरुप्रयोग हो रहा है। मिली जानकारी अनुसार रिमॉडलिंग एवं लाइनिंग कार्य का ठेका बालाजी कंट्रक्शन जांजगीर को मिला है जिसका कार्य अमित अग्रवाल द्वारा कराया जा रहा है ।

बतादे कि बालाजी कंट्रक्शन द्वारा एक शिरे से कार्य ना करते हुए बीच बीच में कार्य किया जा रहा है जिससे किसानों को जब तक पूरा कार्य पूर्ण नहीं हो जाता तब तक इसका लाभ नहीं मिल सकेगा, वही अधूरा छोड़कर कार्य करने से कही केनाल में पानी का भराव है तो कही केनाल सूखे हुए है अगर एक शिरे से ठेकेदार द्वारा या जल संसाधन विभाग के जिम्मेदारों द्वारा केनाल का रिमॉडलिंग कार्य कराया जाता तो कई किसानों को फसलों की सिंचाई करने में इसका लाभ मिलता।
जिम्मेदारों की लापरवाही और गुणवत्ता में लापरवाही से केनाल टूटा
सलका ग्राम के फिटिंगपारा मोहल्ले के पास बालाजी कंट्रक्शन के द्वारा केनाल का रिमॉडलिंग तो कर दिया गया पर जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार और ठेकेदार द्वारा केनाल के किनारे लगे खेतों से पानी निकालने के लिए पाईप बचाते हुए पाईप नहीं लगाया गया जिससे किसान के खेतों में पानी भराव होने से जब किसान ने खेत का पानी निकालने के लिए खेत के मेढ का कटाव किया गया तो केनाल की गुणवत्ता की खुलासा हुआ केनाल पानी के बहाव को झेल नहीं सका वही केनाल कुछ जगह टूटकर बह गया।

आखिर कई वर्षों बाद शासन द्वारा जब किसानों के खेती पानी की वजह से प्रभावित ना हो करके 722.33 लाख रुपए की लागत से प्रशासनिक स्वीकृति दी गई जिसका टेंडर लगभग 5 करोड़ रुपए का हुआ, जिसके बाद धरमजयगढ़ जल संसाधन विभाग द्वारा अपने कर्त्तव्य में लापरवाही बरतते हुए ठेकेदार को कही न कही आर्थिक लाभ पहुंचाने की मंशा से कार्य की गुणवत्ता तक की जांच नहीं की जा रही जिससे कार्य को हुए 2 माह भी पूरे नहीं हो सके और कार्य की घटिया गुणवत्ता सामने आने लगी कही किसानों ने विरोध किया तो जगह जगह केनाल निर्माण के बाद दुबारा केनाल की खोदाई कर पाईप बिछाया गया तो जहां किसानों ने विरोध नहीं किया वहां पाईप तक नहीं लगाया गया।
बालाजी कंट्रक्शन द्वारा किया जा रहा कार्य को धरमजयगढ़ में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अनदेखी करना कई तरह के संदेहास्पद बातों को इंगित करता है । अगर जिम्मेदार अधिकारी निष्कठापूर्वक कार्य कर रहे तो ठेकेदार कैसे हर सकता है भ्रष्टाचार, करोड़ों रुपए से बन रही केनाल की गुणवत्ता की जांच आखिर कब किया जाएगा।



