हड़ताल का एसईसीएल के खानों में रहा असर

बड़ी संख्या में विभागीय कर्मचारियों की अनुपस्थिति
चार लेबर कोड का मजदूरों ने किया पुरजोर विरोध
रायगढ़ । देश के केन्द्रीय 10 श्रम संगठनों एवं कोयला उद्योग की चार श्रम संगठनों इंटक, एचएमएस, एटक एवं सीटू द्वारा वर्तमान केन्द्र की सरकार द्वारा चार लेबर कोड लाने के विरुद्ध गुरुवार को एक दिवसीय आम हड़ताल का रायगढ़ क्षेत्र के छाल, बरौद, विजारी एवं जामपाली की खदानों में व्यापक असर देखने को मिला। हड़ताल के समर्थन में बड़ी संख्या में विभागीय कामगारों ने कार्य का बहिष्कार करते हुए डियुटी पर नहीं पहुंचे जिससे इन खानों में विभागीय काम प्रभावित हुए हैं। गुरुवार की सुबह से ही आईएनटीयूसी, एचएमएस, एटक एवं सीटू के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने झंडा डंडा के साथ खदानों के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताल का असर काफी ज्यादा रहा क्योंकि बड़ी संख्या में विभागीय कामगारों ने कार्य पर नहीं आकर अपनी अनुपस्थिति के साथ हड़ताल को सफल बनाया। जामपाली ओसीएम में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व एसईकेएमसी इंटक के रायगढ़ जिला महासचिव सह क्षेत्रीय जेसीसी सदस्य मुकेश कुमार मंडल की अगुवाई में इंटक के जामपाली अध्यक्ष नोमेश कुमार डनसेना, सचिव रविकांत मनहर, अतरिक्त सचिव देवनारायण साहू, संयुक्त सचिव दीपक कुमार सुमन, अजित सिंह श्याम, एचएमएस के अटल बिहारी नायक, भरत लाल झरिया, मुरलीधर महंत, सीटू के गंनेश्वर महंत एवं एटक के देवराम बर्मा सहित अन्य ने किया। एसईकेएमसी इंटक के रायगढ़ जिला महासचिव मुकेश कुमार मंडल ने कहा चार लेबर कोड लाने सहित खदानों को लगातार निजी मालिकों को बेचने, मजदूरों के हक एवं अधिकार छीनने एवं श्रमिक विरोधी रवैया के विरुद्ध कामगारों ने स्वत: हड़ताल को स्वस्फूर्त बनाया है। इंटक नेता मुकेश ने कहा नये लेबर कोड में नौकरी की सुरक्षा, हड़ताल का अधिकार, कार्य स्थल की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कोई भी स्पष्ट एवं मजबूत प्रावधान अभी भी साफ नहीं है। श्री मंडल ने कहा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए मजदूर एकता के साथ आगे और संघर्ष करना होगा।



