भ्रष्टाचार कार्य को लेकर जिस अधिकारी के विरुद्ध हुई शिकायत उसी अधिकारी से करवाया गया गुणवत्ता का जांच।
कुमरता जलाशय और सलखेता जलाशय के शीर्ष एवं नहरों का रिमॉडलिंग एवं लाइनिंग कार्य में हुए अनियमितता।
धरमजयगढ़ :- किसानों को रबी फसलों की खेती करने में सिंचाई को लेकर कोई असुविधा ना हो को लेकर धरमजयगढ़ के कापु कुमरता जलाशय जो कि कुमरता से होते हुए सलका, कापु, गोढ़ीखुर्द जिसकी लागत लगभग 4 करोड़ रुपए वही सलखेता जलाशय जो सलखेता से होते हुए गिद्धकालो, बैरागी, कुम्हिचुआ, रतनपुर, बंधनपुर तक लगभग 2.19 लाख रुपए की लागत से शीर्ष एवं नहरों का रिमॉडलिंग एवं लाइनिंग कार्य स्वीकृत हुआ है जिससे किसानों के खेतों में नहर के माध्यम से पानी जा सके। जिसका निर्माणकार्य कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग धरमजयगढ़ के देख रेख में किया जा रहा है। परन्तु जिम्मेदारों की लापरवाही और जांजगीर के बालाजी कन्ट्रक्शन द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरक्षण नहीं करने की वजह से शासन के राशि का दुरुप्रयोग हो रहा है।

अधिकारियों की लापरवाही और गुणवत्ता के अभावों में केनाल टूटा
पहला मामला :- सलका गांव के फिटिंगपारा मोहल्ला के पास ठेकेदार द्वारा रिमॉडलिंग तो कर दिया गया पर किसानों के खेत से पानी निकालने के लिए कोई पाईप नहीं लगाया गया। जिससे ठेकेदार द्वारा पाईप तो बचा लिया गया पर जब बरसात हुई तो पानी के दबाव से खेत का मेढ़ टूटकर केनाल को ही बहा ले गया जिससे केनाल की गुणवत्ता का अंदाजा लगा सकते है।
दूसरा मामला :- ग्राम बैरागी के पास केनाल तो निर्माण कर दिया गया पर केनाल निर्माण के दौरान केनाल के रास्ते आने वाले पत्थर को विभाग द्वारा निकालने और तोड़ने के प्रयास नहीं किए गए। उन्हीं पत्थरों के ऊपर से कंक्रीट कर केनाल का निर्माण कर दिया गया जब विभाग के जिम्मेदारों से हुए कार्यों के संबंध में पूछने से उनका कहना की हमारे स्टीमेट में पत्थर निकालना नहीं थी अब स्टीमेट में इसे जोड़ा जा रहा है जैसे ही स्टीमेट में जुड़ जाएगा पत्थरों को निकाला जाएगा।
अब ऐसे में सवाल यह उठता ही कि जिम्मेदारों द्वारा आखिर इतने लापरवाही पूर्वक क्यों सर्वे किया गया अगर दुबारा स्टीमेट में जोड़ना था तो जहां पत्थर केनाल के रास्ते आ रहे थे उस जगह निर्माण कार्य को नहीं करना था इससे स्पष्ट होता ही की किस तरह से जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ठेकेदार को अप्रत्यक्ष रूप से गुणवत्ता विहीन कार्य कराकर लाभ पहुंचना चाहती ही।

भ्रष्टाचार कार्य को लेकर पीजी पोर्टल में हो चुकी है शिकायत
21 जुलाई 2025 को फोटोग्राफ के साथ ऑनलाइन पीजी पोर्टल के माध्यम से शिकायत किया जा चुका है जिसे स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग धरमजयगढ़ ईई सत्येंद्र विश्वकर्मा की भूमिका संदिग्ध है फिर भी उनके ही द्वारा जांच रिपोर्ट तैयार कर दिया गया जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया कि उक्त निर्माणकार्य में कोई भी अनियमितता नहीं बरती गई है। और किसी भी प्रकार की कोई टूट – फूट या क्षति परिलक्षित नहीं हो रही ही ।

शिकायत जांच रिपोर्ट में उच्चाधिकारियों को किया गया गुमराह
बतादे कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर ईई सत्येंद्र विश्वकर्मा द्वारा झूठा रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपा गया वही अगर उच्चाधिकारी अगर स्वयं दोनों जलाशयों के कार्यों को देखेंगे तो स्पष्ट रूप से दिखाई देगा कि किस तरह एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा ठेकेदार के साथ मिलकर भ्रष्टाचार निर्माण कार्य को अंजाम दिया वही शिकायत जांच रिपोर्ट ने भी उच्चाधिकारियों को गुमराह किया। वही शिकायतकर्ता द्वारा एकबार फिर दुबारा शिकायत किया गया है ।



