रायगढ़ दीपावली की रात बनी खूनी: चाकूबाजी की घटनाओं से दहशत, क्राइम ग्राफ चरम पर
रायगढ़ :- दीपावली की रात, जब हर घर में लक्ष्मी पूजन और दीयों की रोशनी से उत्सव का माहौल था, रायगढ़ शहर की सड़कें खून से लाल हो गईं। कल रात, यानी दीपावली की रात, शहर के कोतरा रोड थाना क्षेत्र, सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र, चक्रधरनगर थाना क्षेत्र और अन्य इलाकों में चाकूबाजी की कई दिल दहलाने वाली घटनाएं सामने आईं। इन हमलों ने शहरवासियों में दहशत फैला दी है, और रायगढ़ में अपराध का ग्राफ चरम पर पहुंच गया है। क्या दीपावली की खुशियां अब खौफ के साये में खो गई हैं?
कल रात की इन घटनाओं ने शहर को हिलाकर रख दिया। कुसमुरा इलाके में एक युवक पर चाकू से हमला हुआ, जिसमें उसकी कमर के नीचे गहरी चोट लगी। पीड़ित को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हमलावर मौके से फरार हो गए। दूसरी घटना आईटीआई कॉलोनी में हुई, जहां एक व्यक्ति के दिल के पास चाकू से वार किया गया, जिससे वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। कोतवाली क्षेत्र में भी एक शख्स के हाथ पर चाकू से हमला हुआ, जिससे उसका हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार इन वारदातों में पुरानी रंजिश और नशे का असर सामने आ रहा है, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता ने अपराधियों के हौसले बुलंद कर दिए हैं।
स्थानीय लोग दीपावली की रात इन घटनाओं से स्तब्ध हैं। नाम ना छापने की शर्त पर एक निवासी ने बताया, “हम दीपावली मना रहे थे, लेकिन बाहर सड़कों पर खूनखराबा हो रहा था। पुलिस गश्त कहां थी?” व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में भीड़ का फायदा उठाकर अपराधी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इससे न सिर्फ बाजारों की रौनक फीकी पड़ी है, बल्कि लोग अब रात में घर से निकलने से भी डर रहे हैं।
दीपावली की रात हुई इन घटनाओं ने प्रशासन को कठघरे में ला खड़ा किया है। शहरवासी मांग कर रहे हैं कि तत्काल सख्त कदम उठाए जाएं और विशेष सुरक्षा अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में त्योहारों की रौनक बरकरार रहे। क्या पुलिस इस चुनौती से निपट पाएगी, या रायगढ़ में क्राइम का साया और गहरा होगा? यह सवाल हर नागरिक के मन में कौंध रहा है।



