छाल क्षेत्र के जंगलों में जुए का बड़ा अड्डा: सरकारी कर्मचारी लगा रहे दांव, पुलिस की आंखों में झोंकी जा रही धूल

छाल :- जिले के छाल थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बंगरसुता, कुरु और काफ़रमार गांवों की सीमा पर स्थित घने जंगलों में जुए का काला कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। लंबे समय से चल रहे इस खेल ने अब एक व्यवस्थित सिंडिकेट का रूप ले लिया है, जिससे क्षेत्र का माहौल प्रदूषित हो रहा है।
सीमाएं बदली, पर नहीं बदला जुआरियों का ठिकाना
सूत्रों के अनुसार, पहले यह जुआ रायगढ़ और कोरबा जिले के सीमावर्ती गांवों में संचालित होता था। लेकिन पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए अब इसका केंद्र बदल दिया गया है। वर्तमान में यह पूरी तरह से छाल थाना क्षेत्र के भीतर संचालित हो रहा है, जिसे स्थानीय रसूखदारों द्वारा ही मैनेज किया जा रहा है।
सरकारी ‘वेतनभोगियों’ का जमावड़ा
सूत्रों का कहना की इस जुए के फड़ की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहाँ दांव लगाने वालों में शासकीय वेतनभोगी कर्मचारियों की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है। छाल के अलावा खरसिया, जोबी, रामपुर और करतला जैसे क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जुआड़ी यहाँ पहुंच रहे हैं। जंगलों की दुर्गम स्थिति का फायदा उठाकर ये जुआड़ी घंटों तक बेखौफ होकर हार-जीत की बाजी लगाते हैं।
साइबर टीम से ही कार्रवाई की उम्मीद
स्थानीय स्तर पर पुलिस को चकमा देने के लिए जुआरियों ने जंगलों में अपने मुखबिर तैनात कर रखे हैं। चर्चा है कि जब तक जिला साइबर सेल की टीम इन चिन्हित जुआरियों की लोकेशन और गतिविधियों पर पैनी नजर नहीं रखेगी, तब तक इन पर लगाम लगाना नामुमकिन है। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है और वे पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
नोट: यह समाचार रिपोर्ट प्राप्त इनपुट और सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है।



