उपसरपंच को उतरा मौत के घाट, सरपंच पति समेत 9 आरोपी हिरासत में

पंचायत की राशि की बंदरबाट को लेकर हत्या
जांजगीर-सक्ती :- बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव के लापता उपसरपंच महेंद्र बघेल का शव, सक्ती जिले के डभरा क्षेत्र के साराडीह गांव में महानदी में दिखा है, कपड़े से उसकी पहचान हो गई है। उपसरपंच, 48 घण्टे से लापता था आज सुबह DDRF की टीम, महानदी से शव को बाहर निकाली। दूसरी ओर, बिर्रा पुलिस ने हत्या का जुर्म दर्ज कर सरपंच पति राजकुमार साहू समेत 9 लोगों को हिरासत में ले लिया है. बताया जा रहा है कि पंचायत की राशि की बंदरबाट को लेकर यह हत्या की संगीन वारदात हुई है। अभी गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई है।

आज मंगलवार 9 सितंबर को शव का पोस्टमार्टम होगा, तब पता चलेगा कि उपसरपंच की हत्या कैसे हुई थी ? दरअसल, 6 सितंबर की रात 9:30 बजे करही गांव का उपसरपंच महेंद्र बघेल, अचानक लापता हो गया था. फिर 7 सितंबर को परिजन ने बिर्रा थानका में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और सरपंच पति राजकुमार साहू द्वारा अनहोनी करने का परिजन ने अंदेशा जताया था. इसी आधार पर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और हिरासत में लेकर पूछताछ की तो हत्या कर शव को बरेकेल पुल से महानदी की फेंकने की जानकारी सामने आई।

इस तरह पुलिस ने DDRF की मदद से महानदी में उपसरपंच महेंद्र बघेल के शव की तलाश शुरू की, लेकिन काफी मशक्कत के बाद कुछ पता नहीं चला था. इसके बाद ड्रोन की मदद ली गई और दूर तक शव की तलाश की गई. इस दौरान कल देर शाम डभरा क्षेत्र के साराडीह गांव में उपसरपंच का शव दिखा. कपड़े से उसकी पहचान हो गई है, लेकिन रात होने की वजह और महानदी में पानी ज्यादा होने से DDRF की टीम, रात में शव को लेने नहीं जा सकी. आज सुबह शव को महानदी से बाहर निकाला गया और पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा. फिलहाल, बिर्रा पुलिस ने हत्या के आरोप में करही गांव के सरपंच पति समेत 9 लोगों को हिरासत में ले लिया है.



