नए कप्तान के आने के बाद भी जुआरियों के हौसले बुलंद, छाल और सीमावर्ती जंगलों में सज रही महफिल

रायगढ़ :- रायगढ़ जिले में नवागत पुलिस अधीक्षक के पदभार ग्रहण करते ही जहां अपराधियों में हड़कंप मचने की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं छाल थाना क्षेत्र में जुआरियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। थाना क्षेत्र के कुछ चिन्हित व्यक्ति पुलिस को चुनौती देते हुए बड़े पैमाने पर जुआ का खेल संचालित कर रहे हैं।
लोकेशन बदल-बदल कर पुलिस को दे रहे चकमा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जुए का यह नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा है। पकड़े जाने के डर से ये जुआड़ी किसी एक जगह पर टिकने के बजाय लगातार अपना ठिकाना बदल रहे हैं। जुए की यह फड़ कभी छाल थाना क्षेत्र के रिलो जंगल, वृंदावन जंगल और पोड़ी जंगल में सजती है, तो कभी रायगढ़ और कोरबा जिले की सीमाओं का फायदा उठाते हुए रामपुर, नोनदरहा, महराजगंज के घने जंगलों में महफिल जमाई जा रही है। जिसमें शनिवार, रविवार और शासकीय अवकाश के दिनों में शासकीय कर्मचारी में इस खेल में अपनी किस्मत आजमाने आते है।
दूसरे जिलों से पहुंच रहे जुआड़ी
इन संचालकों ने जुए के इस काले कारोबार को अंतर-जिला स्तर पर फैला दिया है। यहाँ न केवल स्थानीय, बल्कि कोरबा, सक्ती, खरसिया, हाटी और छाल क्षेत्रों के बड़े जुआरियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाता है। घने जंगलों और सीमावर्ती इलाकों का चुनाव इसलिए किया जाता है ताकि पुलिस की दबिश के दौरान भागने के रास्ते खुले रहें।
पुलिस प्रशासन के खौफ से बेपरवाह
हैरानी की बात यह है कि जिले में नए पुलिस कप्तान के कमान संभालने के बाद भी इन जुआरियों में प्रशासन का रत्ती भर भी भय दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि इन जुआरियों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण ये बिना किसी डर के जंगलों में जुए का बड़ा अड्डा चला रहे हैं।
प्रभावित क्षेत्र: रिलो, वृंदावन, पोड़ी और रामपुर-नोनदरहा के जंगल।
नेटवर्क: सक्ती, कोरबा और रायगढ़ जिलों के जुआरियों का जमावड़ा।



