Latest News

धरमजयगढ़ में KPCL कोयला खदान के खिलाफ उबाल, सैकड़ों ग्रामीणों ने दर्ज कराई आपत्ति

ग्राम सभाओं ने परियोजना निरस्त करने की मांग की, अनुमति को लेकर प्रशासन पर उठे सवाल

धरमजयगढ़ :- कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL) की प्रस्तावित 1610.75 हेक्टेयर कोयला खदान परियोजना के विरोध में गुरुवार को धरमजयगढ़ क्षेत्र में जनाक्रोश खुलकर सामने आया। सैकड़ों किसान, ग्रामीण और आदिवासी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में पहुंचकर परियोजना के खिलाफ अपनी आपत्तियां दर्ज कराने जुटे। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित खनन परियोजना से उनके जंगल, जल, जमीन और आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

1007234494
oplus_0

ग्राम पंचायत बायसी कॉलोनी की ग्राम सभा ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र भेजकर प्रस्तावित कोल ब्लॉक को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। ग्राम सभा का कहना है कि पेसा अधिनियम, वनाधिकार कानून, संविधान की पांचवीं अनुसूची और वन्यजीव संरक्षण संबंधी प्रावधानों के तहत स्थानीय समुदाय के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। ग्रामीणों ने दावा किया कि ग्राम सभा पहले ही सर्वसम्मति से इस परियोजना का विरोध कर चुकी है।

1007234511

जंगल, जलस्रोत और आदिवासी संस्कृति पर खतरे की आशंका

विरोध कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि खनन परियोजना से घने वन क्षेत्र, हाथियों के प्राकृतिक आवास, कृषि भूमि और जलस्रोत प्रभावित होंगे। साथ ही आदिवासी समुदाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक आस्था स्थलों पर भी संकट उत्पन्न हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के अधिकारों और पर्यावरणीय संतुलन से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अनुमति को लेकर नया विवाद

विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब चर्चा का विषय बन गई जब मौके पर मौजूद एकदम प्रवीण भगत ने ग्रामीणों को बताया कि सभा या प्रदर्शन के लिए प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक अनुमति जारी नहीं की गई है

एसडीएम ने स्पष्ट किया कि एसडीओपी कार्यालय से अनुमति संबंधी कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए प्रशासन द्वारा औपचारिक स्वीकृति नहीं दी गई। इस बयान के बाद अनुमति प्रक्रिया और प्रशासनिक समन्वय को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

कार्यवाही की अटकलें, आधिकारिक पुष्टि नहीं

विरोध प्रदर्शन के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि ज्ञापन सौंपने और आपत्तियां दर्ज कराने पहुंचे ग्रामीणों के खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही की जा सकती है। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और ज्ञापन सौंपना उनका संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की कार्रवाई होती है तो उसके औचित्य पर सवाल उठेंगे। वहीं प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी का हवाला दे रहा है।

भारी भीड़ ने दिखाया जनविरोध

धरमजयगढ़ में किसानों और ग्रामीणों की भारी मौजूदगी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर व्यापक असंतोष है। लोगों का आरोप है कि परियोजना के संभावित प्रभावों और पुनर्वास संबंधी पहलुओं पर पर्याप्त जनजागरूकता नहीं की गई, जिसके कारण लोगों में असमंजस और नाराजगी बढ़ती जा रही है।

फिलहाल KPCL की प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना को लेकर धरमजयगढ़ का माहौल गर्म है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और अधिक तूल पकड़ सकता है। प्रशासन, कंपनी और ग्रामीणों के बीच इस विवाद का समाधान किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।

Niraj Biswas

नीरज विश्वास, सीजी चौपाल न्यूज़ . पता - रायगढ़ , छत्तीसगढ़ मो . 8818972003

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!