सुप्रीम कोर्ट ने जीवर्धन यादव की गिरफ्तारी पर लगाई रोक, जांच में सहयोग की शर्त


रायगढ़ :- सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 108/2026 के मामले में याचिकाकर्ता जीवर्धन यादव को अंतरिम राहत देते हुए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति उज्जल भुयन और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने सोमवार को पारित किया।

यह मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर के 7 अगस्त 2026 के उस आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका (आपराधिक) SLP (Crl.) No. 16269/2026 से संबंधित है, जो MCRCA No. 1283/2026 में पारित हुआ था।

14 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए उसकी वापसी की तारीख 14 अक्टूबर 2026 निर्धारित की है। राज्य की ओर से पेश अधिवक्ता अंकिता शर्मा ने अग्रिम सूचना पर उपस्थित होकर नोटिस की आवश्यकता को माफ कर दिया।
पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, लेकिन यह राहत इस शर्त के अधीन है कि वह जांच में सहयोग करेगा।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
पुलिस थाना कापू, जिला रायगढ़ में दर्ज मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120-B लगाई गई हैं। ये धाराएं मुख्य रूप से प्रतिरूपण, धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेज के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से डॉ. राजेश पांडे, वरिष्ठ अधिवक्ता, आयुषी पांडे और जितेंद्र कुमार ने पक्ष रखा। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से अंकिता शर्मा, अर्जुन डी. सिंह और इशिका नेओगी पेश हुए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जीवर्धन यादव को फिलहाल गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा मिल गई है, हालांकि उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा। मामले पर अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।



