शोक संदेश..अब हमारे बीच नहीं रहे शेख आलम…


कुछ लोग इस दुनिया से चले जाते हैं, लेकिन अपनी यादों, अपने व्यवहार और अपने अच्छे कर्मों के रूप में हमेशा हमारे बीच जीवित रहते हैं। शेख आलम भी उन्हीं लोगों में से एक थे।
तेजपुर के पास मंगलवार की शाम बाईक दुर्घटना में घायल हुए शेख आलम प्राथमिक उपचार धरमजयगढ़ हॉस्पिटल में करने के बाद बेहतर उपचार के लिए रायगढ़ लेजाने के दौरान उनकी सांसे थम गई।
धरमजयगढ़ क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार और टीवी रिपोर्टर शेख आलम का यूँ अचानक हमारे बीच से चले जाना बेहद पीड़ादायक और विश्वास से परे है। आज उनका हँसता-मुस्कुराता चेहरा आँखों के सामने बार-बार आ रहा है। दिल यह मानने को तैयार नहीं कि जिस इंसान से कल तक मुलाकात होती थी, जिसकी आवाज सुनाई देती थी, जो लोगों की समस्याओं को अपनी समस्या समझकर उनके लिए खड़ा रहता था, वह आज हमारे बीच नहीं है।
शेख आलम ने पत्रकारिता को सिर्फ खबरों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने दूर-दराज, पहुँचविहीन गांवों और जरूरतमंद लोगों की आवाज बनने का काम किया। स्वराज एक्सप्रेस, लल्लूराम डॉट कॉम, मांड प्रवाह साप्ताहिक अखबार, पब्लिक न्यूज, खबर पे नजर वेब पोर्टल, राजधारी तक, IND 24 न्यूज सहित कई मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से उन्होंने आम जनता की पीड़ा और समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाया।
उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी इंसानियत थी।
दूर-दराज से कोई ग्रामीण अपनी समस्या लेकर बैंक आता और उसे परेशानी होती, तो शेख आलम सिर्फ खबर बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करते थे। वे भरत चाय स्टॉल में बैठकर उस ग्रामीण की समस्या सुनते, समझते और उसके समाधान के लिए पूरी कोशिश करते थे। शायद यही वजह थी कि वे सिर्फ पत्रकार नहीं थे, बल्कि क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए अपनों जैसे सहारा थे।
आज उनके जाने के बाद धरमजयगढ़ की पत्रकारिता में एक ऐसी कमी पैदा हो गई है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। उनकी कलम खामोश हो गई है, लेकिन उनके द्वारा उठाई गई लोगों की आवाज हमेशा याद रहेगी।
शेख आलम जी, आपने अपनी कलम से जिन लोगों के दर्द को आवाज दी, जिनके चेहरों पर मदद की उम्मीद जगाई और जिनके लिए बिना किसी स्वार्थ के खड़े रहे—वही लोग आज आपको नम आँखों से याद कर रहे हैं।
आपका जाना सिर्फ एक पत्रकार का जाना नहीं है,
यह एक संवेदनशील इंसान, एक मददगार साथी और आम जनता की आवाज का हमसे दूर चले जाना है।
धरमजयगढ़ क्षेत्र की जनता आपको कभी नहीं भूल पाएगी।
आपकी मुस्कान, आपकी सरलता, आपकी पत्रकारिता और सबसे बढ़कर आपकी इंसानियत हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगी।
कलम के सच्चे सिपाही शेख आलम जी, आप हमारे बीच भले ही नहीं हैं, लेकिन आपकी यादें और आपके अच्छे कर्म हमेशा हमारे बीच रहेंगे।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।
भावभीनी श्रद्धांजलि।
विनम्र नमन। 🙏💐
ॐ शांति।



