ओपन स्कूल परीक्षा केंद्र में सामूहिक नकल और अवैध वसूली का खुलासा, कार्रवाई में देरी पर उठे सवाल

छाल। प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बर्रा में संचालित ओपन स्कूल परीक्षा केंद्र इस सत्र में गंभीर अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। यहां सामूहिक नकल कराने और परीक्षार्थियों से अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि 1 अप्रैल को परीक्षा के दौरान चार असली परीक्षार्थियों की जगह बाहरी छात्र परीक्षा देते हुए पकड़े गए। इस घटना को लेकर परीक्षा केंद्र में विवाद की स्थिति बन गई थी, जिसे पुलिस हस्तक्षेप के बाद शांत कराया गया। हालांकि, आरोपियों को केंद्र से बाहर निकालने के बाद भी उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की गई।
इसके अगले दिन 2 अप्रैल को कुछ नाराज छात्रों ने मीडिया के सामने खुलासा किया कि परीक्षा केंद्र के प्रभारियों द्वारा सामूहिक नकल कराने के नाम पर 5,000 से 12,000 रुपए तक की वसूली की गई। छात्रों का आरोप है कि जिनसे पैसे नहीं लिए गए, उन्हें नकल की सुविधा भी नहीं दी गई।
मामले की जानकारी मिलने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी खरसिया, लक्ष्मीनारायण पटेल ने जांच शुरू की। उन्होंने केंद्राध्यक्ष से पूछताछ की, जिसमें यह स्वीकार किया गया कि चार बाहरी छात्र परीक्षा देते पाए गए थे, लेकिन उनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल कार्यवाही करते हुए केंद्राध्यक्ष ज्ञान सागर राठिया, सहायक केंद्राध्यक्ष रामधन राठिया और प्रभारी प्राचार्य राम गोपाल राठिया को पद से हटा दिया तथा जांच समिति गठित कर दी गई।
हालांकि, अब भी कई महत्वपूर्ण सवाल अनुत्तरित हैं—आखिर बाहरी छात्र परीक्षा केंद्र के भीतर कैसे पहुंचे? जिम्मेदारों ने उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या इस पूरे मामले में स्कूल स्टाफ के साथ किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भी संलिप्तता है?
विकासखंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीनारायण पटेल ने बताया कि जांच के दौरान शिक्षकों और पर्यवेक्षकों के बयान लिए गए हैं, जिनमें पूरे स्टाफ की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। उन्होंने आगामी सत्र में इस परीक्षा केंद्र को बंद करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भी लिखा है। साथ ही यह भी कहा कि उनके निर्देश के बावजूद फर्जी परीक्षार्थियों के खिलाफ अब तक कोई उचित कार्यवाही नहीं की गई है।
फिलहाल, आनन फानन में जांच समिति तो बनाई गई परन्तु अबतक जांच समिति बर्रा स्कूल नहीं पहुंच सकी, जांच में हो रही देरी से यह मामला ठंडे बस्ते में जाने की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।



