नन्हे कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का दिखा अनुपम संगम


छाल में देवी-देवताओं के दिव्य स्वरूपों एवं नृत्य प्रतियोगिता ने मोहा जनमानस का मन
छाल। विजयदशमी महोत्सव समिति, छाल के तत्वावधान में आयोजित देवी-देवता प्रतिरूपण एवं एकल-युगल नृत्य प्रतियोगिता में नन्हे कलाकारों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा, मनमोहक प्रस्तुतियों और आकर्षक वेशभूषा से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास से ओतप्रोत इस आयोजन में बच्चों ने देवी-देवताओं के विभिन्न स्वरूपों को मंच पर साकार कर ऐसा अलौकिक दृश्य प्रस्तुत किया, मानो स्वयं देवी-देवताओं का छाल की पावन धरा पर आगमन हो गया हो।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की सजीव वेशभूषा, भावपूर्ण अभिव्यक्ति एवं उत्कृष्ट नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नन्हे कलाकारों की प्रतिभा और आत्मविश्वास ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को अपनी कला, रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक अभिरुचि प्रदर्शित करने का अवसर मिला। वहीं, आयोजन ने धार्मिक परंपराओं के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सार्थक संदेश भी दिया।
एकल एवं युगल नृत्य प्रतियोगिता के परिणाम
एकल एवं युगल नृत्य प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—
- प्रथम स्थान: यशमिता महंत, नवापारा
- द्वितीय स्थान: जिज्ञासा दुबे, नवापारा
- तृतीय स्थान: आराधना महंत, छाल
देवी-देवता प्रतिरूपण प्रतियोगिता में दिव्यांशी सिंह प्रथम
देवी-देवता प्रतिरूपण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूपों का सजीव चित्रण कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—
- प्रथम स्थान: दिव्यांशी सिंह — मां काली का स्वरूप, छाल
- द्वितीय स्थान: आयुष्मान पाण्डेय — अर्धनारीश्वर स्वरूप, छाल
- तृतीय स्थान: अंकिता राठिया — छत्तीसगढ़ महतारी का स्वरूप
विजेता प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। सभी प्रतिभागियों के उत्साह, लगन एवं कलात्मक कौशल की उपस्थितजनों ने प्रशंसा की।
सांस्कृतिक प्रभारी अशोक पाण्डेय एवं राजेश देवांगन के प्रयासों की सराहना
इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन को आकर्षक एवं सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने में सांस्कृतिक प्रभारी अशोक पाण्डेय एवं राजेश देवांगन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके समर्पित प्रयासों, कुशल मार्गदर्शन एवं सक्रिय सहभागिता से प्रतियोगिताओं में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला। बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने तथा कार्यक्रम को सफल बनाने की दिशा में किए गए उनके प्रयास सराहनीय रहे।
गणमान्य नागरिकों एवं समिति पदाधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर वरिष्ठ व्यवसायी केदारनाथ देवांगन, जनपद सदस्य संत राम खूँटे, प्रदीप अग्रवाल, प्रकाश देवांगन, राजेश देवांगन एवं रामू श्रीवास सहित विजयदशमी महोत्सव समिति के अध्यक्ष नीलांबर राठिया, उपाध्यक्ष अनिल सिंह ठाकुर, महासचिव लालू सिंह ठाकुर, सचिव डॉ. अनुराग सिंह, मेला प्रभारी योगेश राठौर, सांस्कृतिक प्रभारी अशोक पाण्डेय एवं स्वागत प्रभारी भजन राठिया उपस्थित रहे।
समस्त अतिथियों एवं समिति पदाधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। उपस्थितजनों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत एवं सामाजिक एकजुटता को भी सुदृढ़ करते हैं।
विजयदशमी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता ने छाल में उत्सव की रौनक को और अधिक बढ़ा दिया। नन्हे कलाकारों की प्रतिभा, आयोजकों की सक्रियता एवं जनसहभागिता के समन्वय से यह आयोजन धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का यादगार उदाहरण बना।



