सरकारी दफ्तर में घुसे, सामान उठाकर ले गए; हंगामा मचा तो लौटाया


धरमजयगढ़। कापू तहसील कार्यालय में दिनदहाड़े इन्वर्टर उठाकर ले जाने की घटना ने सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा और वहां बाहरी लोगों के कथित प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तहसीलदार की शिकायत के बाद पुलिस ने राहुल टंडन समेत तीन लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 305 (ई), 332 (सी) और 3 (5) के तहत अपराध दर्ज किया है।

घटना 11 सितंबर की बताई जा रही है। तहसीलदार उन्मेश पटेल जब कार्यालय पहुंचे तो बिजली गुल थी। इन्वर्टर भी नहीं चल रहा था। कर्मचारियों से पूछताछ हुई तो पता चला कि दो व्यक्ति कार्यालय आए और इन्वर्टर उठाकर ले गए। जब उनसे पूछा गया कि वे किसके कहने पर सामान ले जा रहे हैं, तो राहुल टंडन का नाम सामने आया।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। तहसीलदार ने कार्यालय का सीसीटीवी खंगालने के निर्देश दिए। फुटेज सामने आने के बाद कापू थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद दो अन्य व्यक्ति कथित तौर पर इन्वर्टर वापस तहसील कार्यालय में रख गए।
सरकारी दफ्तर से सामान उठाने की ‘दबंगई’ कैसे?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरकारी तहसील कार्यालय में कोई व्यक्ति प्रवेश कर वहां रखा सामान उठाकर कैसे ले गया?
वह भी तब, जब तहसील कार्यालय कोई निजी परिसर नहीं बल्कि राजस्व प्रशासन का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण जमीन, सीमांकन, नामांतरण, जाति, आय और अन्य राजस्व मामलों को लेकर पहुंचते हैं।
यह महज एक इन्वर्टर के गायब होने का मामला नहीं है। यह सरकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों पर बाहरी दबाव जैसे गंभीर सवालों से जुड़ जाता है।

तहसीलदार की शिकायत में और भी आरोप
तहसीलदार की ओर से पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में राहुल टंडन पर पूर्व में जाति संबंधी शिकायतें किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। एक कर्मचारी को धमकाने की शिकायत का भी उल्लेख किया गया है।
इन आरोपों की जांच पुलिस के स्तर पर की जानी है। अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि इन आरोपों के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं और संबंधित घटनाओं में आरोपित व्यक्तियों की भूमिका कितनी है।
राजस्व कार्यालयों में बाहरी प्रभाव का सवाल
धरमजयगढ़ क्षेत्र में राजस्व मामलों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। सरकारी जमीनों के लेन-देन और राजस्व कार्यालयों में बाहरी लोगों के कथित हस्तक्षेप को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं होती रही हैं।
कापू तहसील की यह घटना इन्हीं सवालों को एक बार फिर सामने ले आई है—
क्या सरकारी कार्यालयों में आम नागरिक और अधिकारी-कर्मचारियों के बीच व्यवस्था पर किसी बाहरी प्रभाव की जगह बन रही है? क्या सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं? और सबसे अहम, यदि कोई व्यक्ति खुले तौर पर कार्यालय से सामान लेकर चला जाता है तो उसे रोकने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
अब जांच में सामने आएगा पूरा सच
फिलहाल पुलिस ने राहुल टंडन समेत तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, शिकायत और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है
इन्वर्टर वापस आ गया, लेकिन कई बड़े सवाल अब भी अपनी जगह खड़े हैं।



