एनएचएआई पर लापरवाही का आरोप, भारतमाला परियोजना से खेतों में भर रहा बारिश का पानी

दो वर्षों से जलभराव से जूझ रहे किसान, भारतमाला परियोजना पर उठे सवाल
धरमजयगढ़ :- भारतमाला परियोजना के तहत उरगा से पत्थलगांव के बीच निर्माणाधीन सड़क अब किसानों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। धरमजयगढ़ अनुविभाग के बायसी कॉलोनी गांव में खसरा नंबर 139/2, 154/1 ऐसे कई और भी खसरा नंबर है जो सड़क निर्माण के बाद वर्षा का पानी किसानों के खेतों में भर रहा है, जिससे धान सहित अन्य फसलें जलमग्न होकर खराब हो रही हैं। किसानों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस समाधान नहीं किया है।
पीड़ित किसानों ने बताया कि वे कई बार धरमजयगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से लेकर रायगढ़ कलेक्टर तक शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। किसानों का आरोप है कि एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारी केवल कागजी जवाब देकर शिकायतों का निपटारा दिखा देते हैं, जबकि मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण नहीं किया जाता।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि एनएचएआई और राजस्व विभाग के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण करें तो खेतों में भरे पानी की निकासी की व्यवस्था कुछ ही घंटों में की जा सकती है। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान बनाए गए अंडरपासों और पुलों से बरसाती पानी की निकासी के लिए पर्याप्त नालियों का निर्माण नहीं किया गया, जिसके कारण पानी खेतों में जमा हो रहा है।
किसानों ने मांग की है कि सभी अंडरपासों और पुलों तक पानी निकासी के लिए स्थायी नालियों का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षा का पानी आसानी से निकल सके और भविष्य में खेतों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। उनका कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो हर वर्ष किसानों को फसल नुकसान और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।
किसानों की मांग है कि प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और स्थायी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को राहत मिल सके।



