पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ ने भरी हुंकार, 27 अक्टूबर की हड़ताल को सफल बनाने की तैयारी


धर्मजयगढ़। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के अधिकार, सम्मान और विभिन्न मांगों को लेकर सशक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ (पंजीयन क्रमांक 122202669591) की परियोजना स्तरीय बैठक धर्मजयगढ़ में आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं शामिल हुईं। संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अनीता नायक एवं सचिव श्रीमती काजल विश्वास की उपस्थिति में आयोजित बैठक में संगठन की मजबूती, एकजुटता और पांच सूत्रीय मांगों को सरकार तक पहुंचाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अनीता नायक ने कहा कि संगठन की असली ताकत उसकी एकता में निहित है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करती हैं, इसलिए उनके अधिकारों और मांगों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से आपसी मतभेदों को दूर कर संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहने तथा अपनी मांगों के लिए सामूहिक रूप से आवाज उठाने की अपील की।
संघ की सचिव श्रीमती काजल विश्वास ने कहा कि मांगों को पूरा कराने के लिए सभी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को संगठित होकर प्रयास करना होगा। उन्होंने 27 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की पांच सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। संघ की प्रमुख मांग है कि सभी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को नियमित किया जाए। नियमितीकरण होने तक कार्यकर्ताओं को 30 हजार रुपये और सहायिकाओं को 25 हजार 500 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाए। इसके अलावा कार्यकर्ताओं को पर्यवेक्षक तथा सहायिकाओं को कार्यकर्ता के पद पर बिना शर्त पदोन्नति देने, समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) का लाभ प्रदान करने की मांग भी रखी गई।
संघ ने आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने तथा सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ता को पांच लाख रुपये और सहायिका को तीन लाख रुपये का भुगतान करने की मांग की। साथ ही मध्यप्रदेश सरकार की तर्ज पर प्रतिवर्ष मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
बैठक के दौरान संगठनात्मक विस्तार को लेकर नवनियुक्त पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की गईं। परियोजना अध्यक्ष के रूप में रामेश्वरी सिंह, उपाध्यक्ष के रूप में लता वस्त्राकार एवं ललिता सिदार, कोषाध्यक्ष के रूप में गौरी यादव एवं तारामणी टोप्पो, सचिव के रूप में बिंदु सिदार एवं सपना द्विवेदी तथा सह-सचिव के रूप में शारदा एवं जगमति सिदार को जिम्मेदारी सौंपी गई।
छाल क्षेत्र में अध्यक्ष के रूप में बिंदु सिदार एवं पदमावती राठिया तथा सचिव के रूप में सपना द्विवेदी एवं गणेशी राठिया को जिम्मेदारी दी गई। बेजिया क्षेत्र में अध्यक्ष के रूप में शशि, उपाध्यक्ष के रूप में सजनी तथा सचिव के रूप में पार्वती सिदार का चयन किया गया। हाटी क्षेत्र में अध्यक्ष की जिम्मेदारी शारदा एवं जगमति सिदार को सौंपी गई। बोरो क्षेत्र में अध्यक्ष के रूप में कुसुम मंडल एवं सचिव के रूप में ललिता राठिया तथा सिसरिंगा क्षेत्र में अध्यक्ष के रूप में पांचो बाई एवं सचिव के रूप में कुमारी रतिया को जिम्मेदारी दी गई।
बैठक के समापन अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अनीता नायक एवं सचिव श्रीमती काजल विश्वास ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं और संगठन के प्रति समर्पित होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने संगठन को मजबूत बनाने, अपने अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने तथा 27 अक्टूबर की प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
बैठक में कार्यकारिणी से छाल क्षेत्र की भगवती सिंह ठाकुर एवं गणेश राठिया तथा बेजिया क्षेत्र की भारती सिंह ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



