अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर रिलो में विधिक जागरूकता एवं सम्मान शिविर आयोजित


वरिष्ठ नागरिकों को अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता और कल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
छाल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के मार्गदर्शन तथा माननीय नालसा, सालसा एवं तालुका विधिक सेवा समिति के निर्देशानुसार और माननीया सीजेएम/प्रभारी सचिव के निर्देशन में 1 अक्टूबर 2026 को ग्राम पंचायत रिलो में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता एवं सम्मान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना तथा समाज में उनके सम्मान और गरिमा को बढ़ावा देना रहा।

शिविर के दौरान उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों एवं ग्रामीणों को वरिष्ठजनों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्हें उनके अधिकारों, उपलब्ध विधिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही नालसा द्वारा संचालित विधिक सहायता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया, ताकि जरूरतमंद लोग इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
वरिष्ठ नागरिकों के योगदान और अधिकारों पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस प्रत्येक वर्ष 1 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य समाज और राष्ट्र के निर्माण में वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को सम्मान देना तथा बढ़ती उम्र से जुड़ी चुनौतियों, अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना है।
बताया गया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 14 दिसंबर 1990 को संकल्प 45/106 के माध्यम से 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के रूप में घोषित किया था। इसके बाद पहली बार 1 अक्टूबर 1991 को यह दिवस मनाया गया। वर्ष 2026 की थीम “दीर्घायु का युग: दीर्घ जीवन के लिए प्रणालियों पर पुनर्विचार” के माध्यम से बढ़ती आयु के अनुरूप समाज और व्यवस्थाओं को अधिक संवेदनशील, समावेशी एवं वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

वरिष्ठजनों को साल भेंटकर किया सम्मानित
शिविर के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें साल भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठजनों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा विधिक जागरूकता कार्यक्रम को उपयोगी बताया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत रिलो के सरपंच श्याम राठिया, उपसरपंच उर्मिला राठिया, गांव के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और जीवन से प्राप्त ज्ञान आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों की जानकारी मिलने के साथ-साथ उन्हें यह भरोसा भी मिलता है कि आवश्यकता पड़ने पर वे विधिक सहायता एवं संबंधित शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
छाल थाना पहुंचकर गुमशुदा बालक-बालिकाओं की ली जानकारी
विधिक सेवा गतिविधियों के तहत छाल थाना में भी पहुंचकर थाना कर्मचारियों से गुमशुदा बालक-बालिकाओं से संबंधित प्रकरणों की जानकारी ली गई। थाना स्तर से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुमशुदा बालक-बालिकाओं से संबंधित रिपोर्ट निरंक पाई गई। इस दौरान बाल संरक्षण एवं संबंधित मामलों में आवश्यक सतर्कता और विधिक प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी ली गई।
पैरालीगल वालंटियर की रही महत्वपूर्ण सहभागिता
कार्यक्रम एवं विधिक जागरूकता गतिविधियों में पैरालीगल वालंटियर मौसमी शर्मा की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। उन्होंने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों एवं ग्रामीणों को नालसा की विभिन्न योजनाओं, निःशुल्क विधिक सहायता तथा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर बिना झिझक विधिक सेवा संस्थाओं से संपर्क करें और उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठाएं।
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा समाज में विधिक चेतना बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठजनों को सम्मान देने के साथ-साथ उन्हें उपलब्ध कानूनी एवं सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी देकर उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।



