10 सूत्रीय मांगों पर अटकी सहमति, 29 सितंबर के खदान विस्तार को लेकर ग्रामीणों का रुख कल होगा साफ


छाल एसईसीएल खदान विस्तार को लेकर ग्रामीणों की बैठक, 10 सूत्रीय मांगों पर खुलकर हुई चर्चा
छाल :- छाल एसईसीएल खदान के प्रस्तावित विस्तारीकरण को लेकर प्रभावित गांवों में विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। आगामी 29 सितंबर 2026 को प्रस्तावित खदान विस्तार से पहले गुरुवार को ग्राम बांधापाली में प्रभावित ग्रामीणों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों ने एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन के समक्ष अधिग्रहण, मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार सहित वर्षों से लंबित समस्याओं को प्रमुखता से रखा और 10 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि लंबित समस्याओं का ठोस समाधान नहीं होने की स्थिति में वे 29 सितंबर को प्रस्तावित खदान विस्तार का विरोध करेंगे। बैठक में प्रभावित ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।
बैठक में एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, तहसीलदार छाल लोमेश मीरी, एसईसीएल रायगढ़ के जनरल मैनेजर मनोज सिंह, छाल सब एरिया मैनेजर केसी सुरेंद्रनाथ तथा थाना प्रभारी छाल नासिर खान सहित जनप्रतिनिधि और प्रभावित क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों की ओर से खेदापाली सरपंच राम सिंह राठिया, उपसरपंच शिव अकेला, जनपद सदस्य संतराम खूंटे और अधिवक्ता लालू ठाकुर ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं और मांगों को बैठक में प्रमुखता से रखा।
10 सूत्रीय मांगों पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं, अपेक्षाओं और मांगों को प्रशासन एवं एसईसीएल प्रबंधन के सामने स्पष्ट रूप से रखा। विशेष रूप से अधिग्रहण की प्रक्रिया, मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार और प्रभावित परिवारों से जुड़े अन्य लंबित मामलों पर चर्चा हुई।
प्रशासनिक अधिकारियों और एसईसीएल प्रबंधन ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। हालांकि, बैठक के दौरान सभी 10 मुद्दों पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। अधिकारियों की ओर से संबंधित विषयों पर नियम एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप समाधान की दिशा में पहल किए जाने की बात कही गई।
कल की निर्णायक चर्चा पर टिकी निगाहें
बैठक के बाद अब सभी की निगाहें कल होने वाली निर्णायक चर्चा*
पर टिकी हैं। इसी चर्चा में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ग्रामीणों की 10 सूत्रीय मांगों में से किन-किन बिंदुओं पर प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन के साथ सहमति बनती है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन से नहीं, बल्कि ठोस, स्पष्ट और व्यवहारिक निर्णय के माध्यम से होना चाहिए। वहीं प्रशासन की ओर से भी संबंधित मामलों में आवश्यक प्रक्रिया के तहत समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए गए हैं।
अब कल होने वाली चर्चा और उसके बाद लिए जाने वाले प्रशासनिक निर्णय से ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद दोनों पक्षों की अंतिम प्रतिक्रिया से यह सामने आएगा कि 10 सूत्रीय मांगों के समाधान की दिशा में कितनी प्रगति हुई और 29 सितंबर को प्रस्तावित खदान विस्तार को लेकर ग्रामीणों का अगला रुख क्या होगा।



