धरमजयगढ़ में ऊर्जा परियोजना को लेकर विवाद गहराया, मलका रिनीवल एनर्जी के जीएम पर FIR की मांग

धरमजयगढ़। क्षेत्र में संचालित एक लघुजल विद्युत परियोजना को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। धनवाड़ा पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने मलका रिनीवल एनर्जी के जनरल मैनेजर रोहित श्रीवास्तव के खिलाफ थाना धरमजयगढ़ में लिखित शिकायत देते हुए FIR दर्ज करने की मांग की है। कंपनी ने उन पर परियोजना कार्य में बाधा उत्पन्न करने, मानसिक उत्पीड़न करने तथा झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

कंपनी द्वारा 10 मई 2026 को थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में बताया गया कि ग्राम भालूपखना में 7.5 मेगावाट की लघुजल विद्युत परियोजना विकसित की गई है, जिसमें करोड़ों रुपये का निवेश किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह परियोजना मुख्य रूप से वर्षा ऋतु में सीमित अवधि के लिए बिजली उत्पादन करती है, इसलिए किसी भी प्रकार की रुकावट से भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि रोहित श्रीवास्तव पूर्व में कंपनी के लाइजनिंग कार्य से जुड़े थे, लेकिन वर्तमान में उनका कंपनी से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद कंपनी ने आरोप लगाया कि वे आंतरिक दस्तावेजों और गोपनीय जानकारियों को बाहरी लोगों तक पहुंचाकर विभिन्न माध्यमों से लगातार RTI आवेदन लगवा रहे हैं। कंपनी के अनुसार इससे परियोजना का नियमित कार्य प्रभावित हो रहा है और शासकीय अधिकारियों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव बन रहा है।
धनवाड़ा कंपनी ने यह भी आरोप लगाया है कि परियोजना से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों को झूठे आपराधिक मामलों, मारपीट, एससी-एसटी एक्ट तथा महिला संबंधी मामलों में फंसाने का माहौल बनाया जा रहा है। आवेदन में कहा गया है कि ट्रांसमिशन लाइन कार्य से जुड़े कांट्रेक्टरों और अधिकारियों को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कंपनी ने पुलिस को कुछ डिजिटल साक्ष्य सौंपने की बात कहते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही कंपनी अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव या झूठे प्रकरण की स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
इस मामले में सबसे अधिक चर्चा उस दावे को लेकर हो रही है, जिसमें कंपनी ने कहा है कि रोहित श्रीवास्तव के पास पूर्व कार्यकाल के दौरान प्राप्त कई गोपनीय दस्तावेज और संवेदनशील जानकारियां थीं। कंपनी का आरोप है कि उन्हीं जानकारियों के आधार पर लगातार RTI आवेदन लगाए जा रहे हैं।
अब क्षेत्र में यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर ऐसी कौन-सी संवेदनशील जानकारी है, जिसके चलते मामला थाने तक पहुंच गया।



