धरमजयगढ़ में फ्लाईएश परिवहन पर बवाल: सत्ता में रहते भाजपा कार्यकर्ता ही उतरे विरोध में, प्रशासन घिरा

धरमजयगढ़:– धरमजयगढ़ में फ्लाईएश परिवहन को लेकर सियासत तेज हो गई है। दिलचस्प बात यह है कि जहां केंद्र और राज्य दोनों जगह भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, वहीं अब उसी पार्टी के कार्यकर्ता प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आ रहे हैं। भारतमाला परियोजना के तहत चल रहे फ्लाईएश परिवहन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा एसडीएम और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
अपनी ही सरकार के खिलाफ विरोध क्यो…?
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब सत्ता खुद भाजपा के हाथ में है, सांसद भी उसी पार्टी का है और परियोजना केंद्र सरकार की है, तो फिर कार्यकर्ता आखिर किसके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं? क्या यह पार्टी के भीतर असंतोष का संकेत है या जिम्मेदारी से बचने की कोशिश….?
सड़क पर खतरा, जनता परेशान
धरमजयगढ़ की सड़कों पर ओवरलोड और तेज रफ्तार फ्लाईएश वाहनों का मुद्दा लगातार गंभीर होता जा रहा है। सड़कों पर गिरती फ्लाईएश से फिसलन, धूल और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। आम जनता लंबे समय से परेशान है, लेकिन प्रशासन की कथित ढिलाई के चलते समस्या जस की तस बनी हुई है।
भाजपा नेताओं के बयान से बढ़ी हलचल
भाजपा मंडल महामंत्री जगदीश सरकार द्वारा प्रशासन पर सवाल उठाए जाने के बाद अब पार्टी कार्यकर्ताओं का ज्ञापन सौंपने की तैयारी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम स्थानीय स्तर पर समन्वय की कमी और अंदरूनी खींचतान को उजागर करता है।
औपचारिक विरोध या जिम्मेदारी से बचाव?
जानकारों का कहना है कि ज्ञापन सौंपना एक तरह का औपचारिक विरोध हो सकता है, जिससे कार्यकर्ता जनता के बीच सक्रिय दिखना चाहते हैं। लेकिन असली जिम्मेदारी सरकार और उसके प्रतिनिधियों की ही बनती है, ऐसे में यह कदम कई सवाल खड़े करता है।
जनता को चाहिए समाधान, नहीं सियासत
स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि उन्हें राजनीति नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। लोगों का सवाल है कि अगर नेताओं को भी अपनी ही सरकार के खिलाफ ज्ञापन देना पड़े, तो आम आदमी और नेताओं में क्या फर्क रह जाएगा..?
अब देखने वाली बात यह होगी कि भाजपा कार्यकर्ताओं का यह कदम प्रशासन को जगाने में कितना सफल होता है या फिर यह मामला केवल राजनीतिक दिखावे तक ही सीमित रह जाता है।



